राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि अब महिलाओं के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग भी राजधानी की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में लिए गए इस निर्णय के तहत दिल्ली परिवहन निगम और परिवहन विभाग द्वारा संचालित सभी बस सेवाओं में ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी मुफ्त यात्रा योजना में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
सरकार का कहना है कि यह फैसला सामाजिक समावेशन को मजबूत करने और ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मानजनक व सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया अहम कदम है।
DTC और क्लस्टर बसों में मिलेगा मुफ्त यात्रा का लाभ
सरकारी फैसले के अनुसार दिल्ली में रहने वाले पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति अब डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। यह सुविधा उसी व्यवस्था के तहत लागू होगी जिसके तहत फिलहाल महिला यात्रियों को बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ दिया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि योजना लागू होने के बाद ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी बिना किराया दिए राजधानी के सभी बस रूट्स पर सफर करने की सुविधा मिलेगी।
सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा पर जोर
दिल्ली सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को आर्थिक बाधाओं से मुक्त करते हुए शहर में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। इसके जरिए सार्वजनिक सेवाओं तक सभी वर्गों की समान पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार के मुताबिक यह कदम ट्रांसजेंडर समुदाय की गरिमा और सामाजिक भागीदारी को बढ़ाने में भी मदद करेगा।
समावेशी और न्यायसंगत दिल्ली बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार एक ऐसी दिल्ली बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जहां हर नागरिक को समान अधिकार और अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राजधानी में सामाजिक न्याय को मजबूत करने और समावेशी शहरी परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल है।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को रोजगार, शिक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग भी बढ़ेगा।
